भेड़ का बच्चा और भेड़िया की कहानी

भेड़ का बच्चा और भेड़िया की कहानी

एक बार एक शरारती मेमना था। उसकी माँ हमेशा अपने बच्चे से इतना प्यार करती थी कि उसे बच्चे की सुरक्षा की चिंता रहती थी। उसकी माँ ने हमेशा उसे चेतावनी दी, “सावधान रहो! आपको जंगल में नहीं जाना चाहिए।

वहां जंगली जानवर रहते हैं। वे आपको धमकी दे सकते हैं। कभी-कभी वे तुम्हें खा जाते थे।” लेकिन शरारती मेमने ने कभी नहीं सुना। मेमना लापरवाही से जंगल में चला गया और शाम को अंधेरा होने तक वहाँ बहुत देर तक खेलता रहा। एक दिन हमेशा की तरह मेमना दूर जंगल में भटक गया।

वहाँ उसने एक वसंत देखा। “मैं प्यासा हूँ। मुझे थोड़ा पानी पीने दो,” उसने सोचा। उसने अपनी प्यास के लिए झरने से पानी लेने का फैसला किया। जब मेमना वसंत में पानी पी रहा था, एक भेड़िया एक पेड़ के पीछे से देख रहा था। “एक मेमना! मेरा भाग्यशाली दिन!” भेड़िये ने सोचा, मेमने के पास। “आप जानते हैं कि यह जंगल केवल मेरे जैसे जंगली जानवरों का है।

तुम यहाँ इस झरने से पानी लेने क्यों आए हो?” भेड़िये ने पूछा। मेमना जानता था कि भेड़िये खतरनाक जानवर हैं। “माँ ने मुझे भेड़ियों के बारे में चेतावनी दी है। मुझे यकीन है कि यह आदमी मुझे अपने दोपहर के भोजन के लिए खाना चाहता है। यह साथी क्रूर है। मुझे इस जानवर से बचना चाहिए,” उसने सोचा।

भेड़िये ने आगे कहा, “तुम भी पानी गंदा कर रहे हो। अब मैं यह गंदा पानी कैसे पीऊंगी?” “लेकिन जहां आप खड़े हैं, वहां से वसंत बहता है, जहां मैं खड़ा हूं, श्रीमान!” मेमने ने नम्र स्वर में कहा। भेड़िये मेमने से ऐसा बुद्धिमान उत्तर सुनकर हैरान था। लेकिन भेड़िया बस ढूंढ रहा था भेड़ के बच्चे को मारने का बहाना। “तुमने मुझसे बहस करने की हिम्मत कैसे की? मुझे लगता है कि तुम वही भेड़ के बच्चे हो जिसने पिछले साल मुझे गाली दी थी,” भेड़िया चिल्लाया।

“पिछले साल? बुर सर, मैं तब पैदा भी नहीं हुआ था!” भेड़ का बच्चा चीखा। भेड़ के बच्चे को डर था कि भेड़िया भेड़ के बच्चे को मारने के बहाने देख रहा है। मेमना अपने शब्दों और इशारों से सतर्क हो गया। इस तरह भेड़ और भेड़िये दोनों ने बात की एक दूसरे को सावधानी से। मेमने ने कुछ लकड़हारे सुना। वे उसी मार्ग से आ रहे थे जिस में मेमना और भेड़िया खड़े थे।

“अगर मैं इस भेड़िये से थोड़ी देर और बात कर सकता हूँ, तो लकड़हारे यहाँ होंगे। वे उसका पीछा करेंगे,” चतुर मेमने ने सोचा। तो उन्होंने कहा, “मि. वुल्फ, तुम सही हो। मैंने पानी गंदा कर दिया है। लेकिन, मेरा मतलब आपको परेशान करना नहीं था।” इस तरह मेमना कुछ और मिनटों तक बात करता रहा। मेमने के बोलते ही लकड़हारे आ गए। उन्होंने मेमने और भेड़िये दोनों को देखा।

उन्होंने भेड़िये को पकड़ लिया और उसे जाने देने से पहले उसकी पिटाई कर दी। भेड़ के बच्चे को सुरक्षित होने से राहत मिली। वह दौड़कर वापस अपनी मां के पास गया। उसने उसे अपनी माँ को बताया कि जंगल में भेड़िये और लकड़हारे के साथ क्या हुआ था। और फिर उसने अपनी माँ से वादा किया कि वह फिर कभी जंगल में नहीं भटकेगी।

Leave a Comment